बिजनौर में बड़ा खुलासा: 53 लाख के 7 फाइनेंस ट्रैक्टर बरामद, संगठित गिरोह का पर्दाफाश
जनपद बिजनौर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां थाना मंडावर पुलिस ने एक संगठित ट्रैक्टर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए करोड़ों के खेल का खुलासा किया है।

🚨 बिजनौर में बड़ा खुलासा: 53 लाख के 7 फाइनेंस ट्रैक्टर बरामद, संगठित गिरोह का पर्दाफाश 🚨
📍 जनपद बिजनौर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां थाना मंडावर पुलिस ने एक संगठित ट्रैक्टर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए करोड़ों के खेल का खुलासा किया है।
👉 पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में करीब 53 लाख रुपये कीमत के 07 ट्रैक्टर बरामद किए गए हैं। यह गिरोह फाइनेंस पर ट्रैक्टर खरीदकर उनके फर्जी दस्तावेज तैयार करता था और बिना एनओसी के अलग-अलग जगहों पर बेच देता था।
🔍 कैसे काम करता था गिरोह?
- आरोपी विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से ट्रैक्टर खरीदते थे
- ट्रैक्टर के नंबर प्लेट, चेसिस नंबर और कागजात में हेरफेर किया जाता था
- इसके बाद उन्हें दूसरे जिलों में बेच दिया जाता था
- किस्तें बंद होने पर फाइनेंस कंपनियां ट्रैक्टर ट्रेस नहीं कर पाती थीं
🏢 किन कंपनियों ने दर्ज कराई शिकायत?
- महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस कंपनी
- AU स्मॉल फाइनेंस बैंक
- चोला मंडलम फाइनेंस कंपनी
इन कंपनियों द्वारा ट्रैक्टर गायब होने की शिकायत के बाद मामला खुला।
🚜 बरामद ट्रैक्टरों की झलक:
- स्वराज 744 XTN
- स्वराज 744 XT
- महिंद्रा 575
- महिंद्रा 265 DI XP Plus
- सोनालिका
- न्यू हॉलैंड 3600
- आयशर 485 Hydromatic
👮♂️ मुख्य आरोपी कौन?
- जावेद पुत्र कफील (गोसपुर सादात, बिजनौर)
- संजिव कुमार (किरतपुर क्षेत्र)
- भूपेंद्र सिंह (मंडावर क्षेत्र)
👉 ये सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है।
⚖️ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। साथ ही इनका लंबा आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
👮 पुलिस टीम की बड़ी सफलता
इस पूरे ऑपरेशन को थाना मंडावर पुलिस टीम ने अंजाम दिया, जिसमें कई अधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
🗣️ क्या कहती है पुलिस?
पुलिस के अनुसार यह एक संगठित और शातिर गिरोह था, जो लंबे समय से फाइनेंस कंपनियों को चूना लगा रहा था। आगे की जांच जारी है और और भी खुलासे होने की संभावना है।
📰 निष्कर्ष:
बिजनौर पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े आर्थिक अपराध का पर्दाफाश किया है। इससे न सिर्फ फाइनेंस कंपनियों को राहत मिलेगी, बल्कि ऐसे अपराधियों पर भी कड़ा संदेश जाएगा।




