उत्तर प्रदेश

शिकायतित अधिकारी ने खुद ही भेज दी जांच रिपोर्ट, निष्पक्षता पर उठे सवाल

रिपोर्ट हाजी मो. कासिम बिजनौर

शिकायतित अधिकारी ने खुद ही भेज दी जांच रिपोर्ट, निष्पक्षता पर उठे सवाल

 

बिजनौर। जनपद में शिकायत निस्तारण प्रक्रिया को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश वन निगम नजीबाबाद इकाई में कार्यरत शिवकुमार मीणा, प्रभागीय लॉगिंग प्रबंधक के विरुद्ध की गई शिकायत का निस्तारण निष्पक्ष रूप से कराने के बजाय उन्हीं के स्तर से रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जिनके विरुद्ध शिकायत की गई थी, उन्हीं के पक्ष से जांच आख्या प्रस्तुत होने से पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। उनका आरोप है कि इस प्रकार की कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है, क्योंकि किसी भी व्यक्ति को अपने ही मामले में जांचकर्ता या निर्णयकर्ता नहीं बनाया जा सकता।

 

मामले को लेकर शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव वन विभाग, सतर्कता अधिष्ठान तथा अन्य उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भेजकर स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

 

शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि:

 

– शिकायतित अधिकारी द्वारा प्रस्तुत आख्या को निरस्त किया जाए।

– मामले की जांच किसी स्वतंत्र वरिष्ठ अधिकारी या समिति से कराई जाए।

– यह स्पष्ट किया जाए कि शिकायतित अधिकारी के स्तर से रिपोर्ट किस आधार पर प्रस्तुत की गई।

– यदि प्रक्रिया में कोई अनियमितता पाई जाए तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

 

सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि शिकायतों का निस्तारण इसी प्रकार होता रहा तो आम नागरिकों का शिकायत निवारण प्रणाली से विश्वास उठ सकता है।

 

अब सभी की निगाहें शासन और उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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