अखलासपुर में ‘बिजली’ की चिंगारी से 35 बीघा गन्ना जलकर खाक, जेई बोले— “सप्लाई बंद थी, किसी ने बीड़ी फेंकी होगी”
रिपोर्ट उज्जवल चौधरी

अखलासपुर में ‘बिजली’ की चिंगारी से 35 बीघा गन्ना जलकर खाक, जेई बोले— “सप्लाई बंद थी, किसी ने बीड़ी फेंकी होगी”
हल्दौर (बिजनौर)। प्रतिष्ठित समाचार पत्र अमर उजाला में छपी रिपोर्ट ने हल्दौर क्षेत्र के गाँव अखलासपुर में हुई भारी तबाही पर मुहर लगा दी है। 20 अक्टूबर 2026 की दोपहर को जर्जर विद्युत लाइनों से निकली चिंगारी ने ऐसा तांडव मचाया कि आधा दर्जन किसानों की 35 बीघा गन्ने की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। इस घटना से किसानों को कई लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है। वहीं, इतनी बड़ी बर्बादी के बाद भी बिजली विभाग अपनी जिम्मेदारी लेने के बजाय अजीबोगरीब तर्क दे रहा है।
भाकियू अध्यक्ष समेत कई किसानों की फसल स्वाहा
जानकारी के मुताबिक, सोमवार की दोपहर जर्जर तारों से अचानक चिंगारी निकली और खेतों में गिर गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। इस भीषण अग्निकांड में मुख्य रूप से निम्नलिखित किसानों की गन्ने की फसल जल गई:
• नौबहार सिंह (ब्लॉक अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन—अराजनीतिक)
• हुकुम सिंह
• शीशपाल सिंह
• रविंद्र कुमार
• अशोक कुमार
ग्रामीणों ने खुद रेत-मिट्टी डालकर पाया काबू
गाँव अखलासपुर के जंगल में ससौन बिजलीघर से विद्युत आपूर्ति की जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहाँ की विद्युत लाइनें कई वर्षों से बेहद जर्जर हैं, जिसकी शिकायत बार-बार निगम के अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आग लगने के बाद ग्रामीणों ने तुरंत बिजली घर फोन करके आपूर्ति बंद कराई और फायर ब्रिगेड के भरोसे न रहकर खुद ही रेत, मिट्टी और आसपास से पानी डालकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
बिजलीघर के जेई भानुप्रताप का बयान: “बीड़ी या सिगरेट से लगी आग”
इस मामले पर जब सिसोना बिजलीघर के जेई भानुप्रताप से बात की गई, तो उन्होंने विभाग का बचाव करते हुए एक चौंकाने वाला दावा किया। जेई भानुप्रताप का कहना है, “घटना के दौरान क्षेत्र में रोस्टिंग (कटौती) चल रही थी, जिसके चलते विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद थी। खेतों में आग शायद किसी राहगीर या व्यक्ति द्वारा जलती हुई बीड़ी या सिगरेट फेंकने की वजह से लगी होगी।”
किसानों में उबाल, निष्पक्ष जांच की मांग
बिजली विभाग के इस ‘बीड़ी-सिगरेट’ वाले तर्क पर किसान और संगठन के पदाधिकारी भड़क गए हैं। भाकियू (अराजनीतिक) के ब्लॉक अध्यक्ष नौबहार सिंह समेत पीड़ित किसानों का कहना है कि विभाग अपनी जर्जर व्यवस्था और नाकामी को छुपाने के लिए बेतुके बहाने बना रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन से ससौना बिजलीघर की लॉग-बुक और फीडर रिकॉर्ड की जांच कराने तथा पीड़ित किसानों को तत्काल उचित मुआवजा देने की मांग की है।




