
लखनऊ की गद्दी से सीधा फरमान जनता की फरियाद दबाई, तो कुर्सी जाएगी!
उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब DGP राजीव कृष्ण का डंडा एक साथ 9 जिलों के 10 तेज-तर्रार (कथित तौर पर सुस्त!) थानाध्यक्षों पर जोरदार तरीके से गरजा। जनशिकायतों के निस्तारण में ढिलाई दिखाना इन साहबों को इतना भारी पड़ा कि रातों-रात सस्पेंड कर लाइन हाजिर या विभागीय कार्रवाई की चपेट में ला दिया गया।
अब जनता पूछ रही है—”साहब, सुनवाई नहीं करोगे तो थानेदारी करोगे कैसे
इन 9 जिलों के 10 सूरमाओं पर गिरी गाज लखीमपुर खीरी के दो थानेदार,मैलानी और फरधान सस्पेंड,उन्नाव का SHO सोहरामऊ
एटा का SHO जसरथपुर ,आगरा के लोहामंडी SHO ,प्रतापगढ़ का SHO महेशगंज
बदायूं के SHO उसावा,बिजनौर के चांदपुर SHO
मथुरा के SHO जैत ,और लखनऊ के इंस्पेक्टर BBD को सस्पेंड किया गया
DGP साहब के सख्त तेवर साफ बता रहे हैं कि इस बार कोई बहाना नहीं चलेगा! साफ कह दिया गया है कि जनसुनवाई में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। सभी संबंधित जिलों से महकमे ने सिर्फ 3 दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट तलब कर ली है।
अब सुधर जाओ या घर बैठो! जनता की पुकार अनसुनी करने वाले हर अधिकारी के लिए यह सीधी चेतावनी है कि खाकी की धमक अब काम करने वालों की ही चलेगी।




