ब्लॉक कोतवाली देहात की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर बड़ा खेल?
मानदेय खातों में सरकारी पैसा डालने पर उठे गंभीर सवाल

🚨 बिजनौर में पंचायत घोटाले की आहट! 🚨
ब्लॉक कोतवाली देहात की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर बड़ा खेल?
मानदेय खातों में सरकारी पैसा डालने पर उठे गंभीर सवाल
जनपद बिजनौर के ब्लॉक कोतवाली देहात क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के खेल का मामला अब सुर्खियों में आ गया है। आरोप है कि ग्राम सचिवों द्वारा साफ-सफाई, तसले-फावड़े खरीद, पर्दे खरीद एवं रिक्शा ठेली मरम्मत जैसे कार्यों की धनराशि सीधे ग्राम प्रधानों के मानदेय खातों में ट्रांसफर की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार जब इस मामले को लेकर एडीओ पंचायत से सवाल किया गया तो जवाब मिला कि “15 से 20 हजार रुपये तक डाले जा सकते हैं।” अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर उत्तर प्रदेश पंचायती राज एक्ट में ऐसा कौन सा नियम है, जो सरकारी विकास कार्यों का पैसा मानदेय खातों में भेजने की अनुमति देता है?
क्षेत्र में इस मामले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायतों में इस प्रकार से सरकारी धन का लेन-देन हो रहा है तो यह वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। लोगों ने आशंका जताई है कि विकास कार्यों के नाम पर बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं हो सकती हैं।
एकता सेवा सोसाइटी उत्तर प्रदेश ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए शासन, जिला प्रशासन एवं पंचायती राज विभाग से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। संस्था का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संबंधित ग्राम पंचायतों, ग्राम सचिवों एवं ग्राम प्रधानों के नाम दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ सार्वजनिक किए जाएंगे।
सूत्रों का दावा है कि कई पंचायतों के बैंकिंग रिकॉर्ड, भुगतान विवरण एवं दस्तावेज जुटाए जा चुके हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे पंचायत विभाग में हलचल तेज हो गई है।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा या फिर सरकारी धन के खेल पर पर्दा डालने की कोशिश होगी?



