उत्तर प्रदेश

22 साल से एक ही पटल पर जमे स्टेनो का क्या होगा? नई नीति के बीच एकता सेवा सोसाइटी ने उठाई आवाज

ब्यूरो रिपोर्ट

📰 उत्तराखंड अभी तक न्यूज़

📅 दिनांक: 05 मई 2026

📍 बिजनौर

🔴 22 साल से एक ही पटल पर जमे स्टेनो का क्या होगा? नई नीति के बीच एकता सेवा सोसाइटी ने उठाई आवाज

बिजनौर। प्रदेश सरकार की वर्ष 2026–27 की नई स्थानांतरण नीति लागू होते ही जनपद बिजनौर के विकास भवन में हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे कर्मचारियों पर कार्रवाई की चर्चा के बीच अब सामाजिक संगठन भी सक्रिय हो गए हैं।

इसी कड़ी में विकास भवन में करीब 22 वर्षों से एक ही पटल पर कार्यरत स्टेनो अरविंद कुमार का मामला सुर्खियों में है। शासन की नीति के अनुसार इतने लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती नियमों के विपरीत मानी जा रही है।

⚖️ नीति के मुख्य बिंदु

एक ही जनपद में 3 वर्ष से अधिक कार्यरत कर्मचारियों का स्थानांतरण

मंडल स्तर पर 7 वर्ष से अधिक तैनाती पर अनिवार्य तबादला

31 मई तक पूरी प्रक्रिया समाप्त करने के निर्देश

पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जो

🗣️ एकता सेवा सोसाइटी ने उठाई मांग

इस पूरे मामले में एकता सेवा सोसाइटी ने प्रशासन से लिखित रूप में मांग उठाई है कि

👉 “नई स्थानांतरण नीति का सख्ती से पालन किया जाए और वर्षों से जमे कर्मचारियों का तत्काल तबादला किया जाए।”

सोसाइटी का कहना है कि

लंबे समय तक एक ही पटल पर रहने से कार्यप्रणाली प्रभावित होती है

 

पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं

 

अन्य कर्मचारियों के अधिकारों का हनन होता है

 

 

 

 

🔍 क्या होगी कार्रवाई?

 

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि

👉 क्या प्रशासन एकता सेवा सोसाइटी की मांग पर कार्रवाई करेगा या मामला फाइलों में ही दब जाएगा?

 

सूत्रों के अनुसार, यदि शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन हुआ तो

✔️ स्टेनो अरविंद कुमार का स्थानांतरण लगभग तय माना जा रहा है।

लेकिन अगर प्रभाव और विभागीय दबाव हावी रहा, तो

❌ कार्रवाई टल भी सकती है

⚠️ प्रशासन की परीक्षा

यह मामला अब सिर्फ एक कर्मचारी का नहीं बल्कि

👉 सरकार की पारदर्शिता और नियमों के पालन की परीक्षा बन गया है।

🧾 निष्कर्ष

नई स्थानांतरण नीति ने उम्मीद तो जगाई है, लेकिन

👉 असली सवाल यही है—

क्या 22 साल का “जमाव” टूटेगा या फिर सिस्टम फिर से समझौता कर लेगा?

 

👉 अब सबकी नजरें प्रशासन और एकता सेवा सोसाइटी की मांग पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

✍️ रिपोर्ट: उत्तराखंड अभी तक न्यूज़ टीम, बिजनौर

Director & chief

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