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📅 दिनांक: 05 मई 2026
📍 बिजनौर (उ.प्र.)
🚨 गौशालाओं में ‘मौत का इंतज़ाम’! लू में झुलस रहा गौवंश — प्रशासन मौन
बिजनौर। विकासखंड कोतवाली देहात क्षेत्र की अस्थायी गौशालाएं इन दिनों बदइंतजामी और लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी हैं। भीषण गर्मी के बीच गौवंश जहां एक ओर लू और तेज धूप से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक उदासीनता ने हालात को और भयावह बना दिया है।
विश्व हिंदू राष्ट्र सेना, जिला बिजनौर ने इस अमानवीय स्थिति को लेकर खण्ड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कड़ी नाराजगी जताई है और तत्काल सुधार की मांग की है।
🔥 छाया नहीं, ठंडा पानी नहीं — खुले आसमान में तड़प रहा गौवंश
तापमान लगातार बढ़ रहा है, लेकिन गौशालाओं में न तो पर्याप्त शेड (ठंडी छाया) की व्यवस्था है और न ही ठंडे पेयजल का इंतजाम। कई स्थानों पर गौवंश प्यास से बेहाल होकर गंदा पानी पीने को मजबूर है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है।
🌾 भूख से बेहाल गौवंश — हरे चारे का भारी संकट
गौशालाओं में हरे चारे की उपलब्धता न के बराबर है। पशु सूखे भूसे या अधूरी खुराक पर निर्भर हैं, जिससे उनकी सेहत तेजी से गिर रही है। कमजोर और बीमार गौवंश की हालत सबसे ज्यादा दयनीय बनी हुई है।
💉 चिकित्सा सुविधा ठप — बीमार पशु भगवान भरोसे
सबसे गंभीर बात यह है कि बीमार गौवंश के लिए न तो नियमित पशु चिकित्सक मौजूद हैं और न ही दवाइयों की व्यवस्था। छोटे-छोटे रोग भी जानलेवा बनते जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग पूरी तरह बेखबर नजर आ रहा है।
🧹 गंदगी का अंबार — बीमारी फैलने का खतरा
गौशालाओं में साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब है। गोबर निष्पादन की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है, जिससे बदबू और संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। वहीं वेंटिलेशन की कमी के चलते पशुओं को शुद्ध हवा तक नहीं मिल पा रही।
⚠️ ‘अब और नहीं’ — संगठन की दो टूक चेतावनी
विश्व हिंदू राष्ट्र सेना ने स्पष्ट कहा है कि यदि जल्द ही हालात नहीं सुधरे तो संगठन बड़ा आंदोलन करेगा और इस मुद्दे को शासन के उच्च स्तर तक ले जाया जाएगा।
📢 प्रशासन से सीधी मांग — तुरंत हो ये व्यवस्था
✔️ हर गौशाला में मजबूत और ठंडी छाया (शेड) की व्यवस्था
✔️ ठंडा और स्वच्छ पेयजल 24 घंटे उपलब्ध कराया जाए
✔️ हरे चारे की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित हो
✔️ पशु चिकित्सक और दवाइयों की स्थायी व्यवस्था
✔️ साफ-सफाई, गोबर निष्पादन और वेंटिलेशन पर विशेष ध्यान
🗣️ बड़ा सवाल — क्या कार्रवाई होगी या यूं ही तड़पता रहेगा गौवंश?
गौवंश की दुर्दशा को लेकर अब सवाल सीधे प्रशासन की कार्यशैली पर उठने लगे हैं। आखिर कब तक लापरवाही का यह सिलसिला चलता रहेगा? क्या जिम्मेदार अधिकारी समय रहते जागेंगे या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई होगी?
👉 “अगर अब भी व्यवस्था नहीं सुधरी, तो सड़कों पर उतरेगा जनसैलाब!”



