उत्तर प्रदेश

ग्राम पंचायतों में सफाई कार्यों का भुगतान: क्या नियमों का पालन हो रहा है?

संपादकीय लेख. बिजनौर

 

ग्राम पंचायतों में सफाई कार्यों का भुगतान: क्या नियमों का पालन हो रहा है?

 

ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले सफाई कार्यों का उद्देश्य गांवों को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना है, लेकिन कई स्थानों पर इन कार्यों के भुगतान को लेकर सवाल उठते रहते हैं। नियमों के अनुसार यदि सफाई कार्य मजदूरों द्वारा कराया जाता है तो मजदूरी का भुगतान सीधे उन्हीं श्रमिकों को किया जाना चाहिए। इसी प्रकार यदि जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया है तो भुगतान मशीन स्वामी या अधिकृत सेवा प्रदाता को किया जाना चाहिए।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। यदि कार्य करने वाले मजदूरों और सेवा प्रदाताओं के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को भुगतान किया जाता है, तो इससे वित्तीय अनियमितताओं की आशंका उत्पन्न होती है। ऐसे मामलों में मस्टर रोल, भुगतान रजिस्टर, बैंक अभिलेख, कार्य स्वीकृति पत्र और बिल-वाउचर की जांच आवश्यक हो जाती है।

 

विकासखंड कोतवाली क्षेत्र की कुछ ग्राम पंचायतों में भी सफाई कार्यों के भुगतान को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि संबंधित अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि भुगतान वास्तव में नियमों के अनुरूप हुआ है या नहीं।

 

एकता सेवा सोसाइटी उत्तर प्रदेश ने मांग की है कि जिला पंचायत राज अधिकारी पूरे प्रकरण की जांच कराएं तथा यह सुनिश्चित करें कि सरकारी धन का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार हुआ है। यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही ही सुशासन की पहचान है। इसलिए ग्राम पंचायतों में होने वाले प्रत्येक भुगतान की निष्पक्ष जांच और सार्वजनिक जवाबदेही समय की आवश्यकता है।

 

 

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