आदमखोर का खौफ: घर के बाहर से महिला को खींच ले गया गुलदार, गन्ने के खेत में मिला क्षत-विक्षत शव!
रिपोर्ट हाजी मोहम्मद कासिम बिजनौर

🚨 आदमखोर का खौफ: घर के बाहर से महिला को खींच ले गया गुलदार, गन्ने के खेत में मिला क्षत-विक्षत शव!
💥 शासन-प्रशासन की नींद उड़ा देने वाली बड़ी खबर — क्या इंसानी जिंदगियों से ज्यादा कीमती है वन विभाग की सुस्ती?
बिजनौर/आलोपुर (किरतपुर): उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में वन्य जीवों का आतंक अब इस कदर बढ़ चुका है कि लोग अपने ही घरों के बाहर सुरक्षित नहीं हैं। किरतपुर (प्रमाण) क्षेत्र के गांव आलोपुर से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ सुबह के वक्त अपने घर के बाहर खड़ी एक 45 वर्षीय अविवाहित महिला (बबीता देवी) को खूंखार गुलदार (तेंदुआ) दिनदहाड़े जबरन उठाकर ले गया। गुलदार महिला की गर्दन और हाथ को बुरी तरह नोंच-नोंच कर खा गया। घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है और वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है।
📌 वारदात का खौफनाक मंजर: 500 मीटर तक घसीटता रहा आदमखोरप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आज गुरुवार सुबह करीब 6 बजे बबीता देवी अपने घर के बाहर खड़ी थीं। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे आदमखोर गुलदार ने उन पर अचानक हमला कर दिया और उन्हें जंगल की तरफ घसीटने लगा। परिजनों द्वारा शोर मचाने पर ग्रामीणों की भारी भीड़ लाठी-डंडों के साथ खून के निशानों का पीछा करते हुए गन्ने के खेतों की तरफ दौड़ी। गांव से करीब 500 मीटर दूर गन्ने के खेत में महिला का क्षत-विक्षत और लहूलुहान शव बरामद हुआ।

शव रखकर धरने पर बैठे आक्रोशित ग्रामीण, वन विभाग पर लापरवाही के संगीन आरोप!इस दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट गया। गुस्साए ग्रामीणों ने घटनास्थल पर ही शव को रखकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इलाके में लंबे समय से गुलदार की आहट थी, लेकिन वन विभाग कुंभकर्णी नींद सोता रहा।
ग्रामीणों की साफ और दो टूक मांगें:लापरवाही बरतने वाले वन विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ तुरंत मुकदमा (FIR) दर्ज किया जाए।पीड़ित परिवार को तुरंत उचित मुआवजा दिया जाए।आदमखोर गुलदार को तुरंत पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरे लगाए जाएं।🏛️ मौके पर पहुंचा प्रशासनिक अमला, पर जनता का गुस्सा बरकरार!तनाव बढ़ता देख एसडीएम शैलेंद्र कुमार सिंह, सीओ सुनील कुमार सिंह तथा सामाजिक वानिकी विभाग के डिप्टी रेंजर रामकुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारी लगातार ग्रामीणों को समझाने और धरना समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका साफ कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, शव को उठने नहीं दिया जाएगा।




