उत्तरप्रदेशप्रधान संपादक ऋषि त्यागी

बिजनौर, अपहरण कर फिरौती मांगने वालो को पुलिस ने जेल भेजा

ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर स्थित शेरकोट के ब्रश कारोबारी और उसके नौकर का अपहरण कर 10 लाख की फिरौती मांगने वाले चार बदमाशों का चालान करते हुए पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस उस महिला की तलाश में भी लगी है, जिसके जरिये ब्रश कारोबारी को बुलाया गया था।


रविवार को एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने प्रेसवार्ता कर खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को उत्तराखंड के उधमसिंह नगर की रहने वाली मनीषा ने कारोबारी यशवीर सिंह निवासी ग्राम भनौटी शेरकोट बिजनौर को झांसे में लेकर रामनगर, उत्तराखंड में बुलाया। यशवीर सिंह अपने कार चालक मुकेश को साथ लेकर रामनगर चले गए। जहां मनीषा के चार साथी आए। उन्होंने यशवीर तथा उसके नौकर मुकेश को जबरन अपनी कार में बैठा लिया। इसके बाद उनसे 10 लाख की फिरौती मांगी गई। दो आरोपी पुलिस की वर्दी में थे। उन्होंने खुद को पुलिस में बताया और रौब गालिब किया।

 

 शनिवार को हरिद्वार जाते हुए नजीबाबाद पुलिस ने घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ लिया। बता दें कि आरोपियों ने कारोबारी के एटीएम से नजीबाबाद में 22 हजार रुपये भी निकलवाए थे। कारोबारी ने दस लाख का इंतजाम करने में असमर्थता जताई तो ढाई लाख रुपया देना तय हो गया था, लेकिन इससे पहले ही चार आरोपी पकड़ लिए गए। जबकि कारोबारी को बुलाने वाली मनीषा पुत्री ललित कुमार निवासी ग्राम तालमपुर उधमसिंह नगर उत्तराखंड अभी फरार है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम, निरीक्षक राजेंद्र कुमार, निरीक्षक अर्जुन सिंह, एसआई सतेंद्र नागर, एसआई दीपक कुमार आदि शामिल रहे।

ये आरोपी किए गए गिरफ्तार
पंकज पुत्र डालचंद निवासी ग्राम धर्मपुरा थाना जसपुर जिला उधमसिंह नगर उत्तराखंड
– दानवीर सिंह पुत्र स्व. कपिल कुमार निवासी नसीरदिवाला थाना शेरकोट बिजनौर
– दीपक कुमार पुत्र नरेश कुमार निवासी ग्राम नूनीखेड़ा थाना जानसठ, मुजफ्फरनगर
– सुनील उर्फ सन्नी पुत्र स्व. राजपाल सिंह निवासी ग्राम गंगधाड़ी खतौली, मुजफ्फरनगर
फिरौती के 16 हजार और वर्दी बरामद
आरोपियों के पास से फिरौती के रूप में वसूले गए 16 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। वहीं दो पुलिस यूनिफॉर्म (एक एसआई व एक कांस्टेबल यूपी पुलिस) तथा घटना में प्रयुक्त कार विटारा ब्रेजा बरामद की गई। साथ ही दो तमंचे नाजायज मय चार कारतूस, एक चाकू और छह मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
दो साल तक पुलिस में ड्यूटी कर चुका है सुनील
पकड़ा गया एक आरोपी दीपक कुमार वर्ष 2011 बैच का सिपाही है। जो वर्तमान में मुरादाबाद मै तैनात था। दीपक कुमार दस अप्रैल 2021 से निलंबित चल रहा है। उसके खिलाफ थाना ठाकुरद्वारा में अंकिता नाम की महिला ने दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। अंकिता व मनीषा पहले से भी परिचित हैं। पकड़ में आया दूसरा आरोपी सुनील अपने जीजा अनिल की जगह फर्जी नाम से यूपी 112 में नौकरी कर रहा था, उसके खिलाफ फर्जीवाड़ा का थाना डिलारी में मामला दर्ज है। दरअसल, सुनील के साले अनिल ने शिक्षा विभाग में नौकरी लगने पर यूपी पुलिस की नौकरी छोड़ दी थी। जिसकी नेम प्लेट लगाकर सुनील दो साल तक पुलिस में ड्यूटी करता रहा।

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