उत्तरप्रदेशउत्तराखंडप्रधान संपादक ऋषि त्यागी

यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने कड़ी पूछताछ और सबूतों के आधार पर धामपुर निवासी केंद्रपाल को गिरफ्तार कर लिया …

ब्यूरो रिपोर्ट

यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने कड़ी पूछताछ और सबूतों के आधार पर मास्टरमाइंड केंद्रपाल को गिरफ्तार कर लिया है. मामले में अभी तक एसटीएफ ने 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.

एसएसटीएफ एसएसपी ने कहा जल्द ही निकल गिरोह के अंतिम कड़ी का भी पर्दाफाश किया जाएगा.

 

देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग (Uttarakhand Subordinate Selection Service Commission) पेपर लीक मामले में STF को एक और बड़ी कामयाबी मिली है. यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले (UKSSSC paper leak case) में मास्टरमाइंड केंद्रपाल को कड़ी पूछताछ और पुख्ता सबूतों के आधार पर एसटीएफ ने गिरफ्तार (Uttarakhand STF arrested Kendrapal Singh) किया है. एसटीएफ की इन्वेस्टीगेशन में पेपर लीक का केंद्र बिंदु धामपुर सेंटर का सरगना केंद्रपाल ही निकला. अब तक पेपर लीक मामले में एसटीएफ 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.

 

पेपर लीक के लिए होती थी मोटी डील: एसटीएफ ने बताया कि उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में धामपुर निवासी केंद्रपाल बड़ा पहुंचा हुआ नकल माफिया हैं. पेपर लीक धंधे में केंद्रपाल के् चर्चित हाकम सिंह, चंदन मनराल, जगदीश गोस्वामी और ललित के साथ गहरे संबंध थे. मास्टरमाइंड की भूमिका केंद्रपाल अपने विभिन्न संपर्क के माध्यम से पहले पेपर लीक करने की व्यवस्था था और फिर मोटी रकम वसूल कर अपने नेटवर्क से डील तय करता था.

नकल गिरोह का होगा पर्दाफाश: एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक अभी इस पेपर लीक मामले में उत्तराखंड के नकल सौदागर के साथ कनेक्शन वाले यूपी के नकल माफियाओं को रडार रखा गया है. जल्द ही STF एसटीएफ पूरे नकल माफियाओं तक पहुंच कर इस गिरोह की अंतिम कड़ी का पर्दाफाश करेगी. बता दें कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले में मुख्य अभियुक्त केंद्रपाल निवासी धामपुर को एसटीएप ने गिरफ्तार कर लिया है. मामले में अब तक 24 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. एसटीएफ ने साक्ष्यों के आधार पर मुख्य अभियुक्त केंद्रपाल पुत्र भीम सिंह, निवासी टीचर कॉलोनी, धामपुर को आज शाम पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है.

 

मास्टरमाइंड केंद्रपाल की भूमिका: पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि अभियुक्त केंद्रपाल साल 1996 में टेंपो चलाता था और उसके बाद कुछ वर्षों तक रेडीमेड दुकान पर काम और कपड़ों की सप्लाई का करने का भी काम उसने किया. साल 2011-2012 में अभियुक्त प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने के गिरोह में जुड़ गया. 2012 में अभियुक्त केंद्रपाल की मुलाकात अभियुक्त चंदन मनराल से हुई. 2011-12 में ही अभियुक्त केंद्रपाल की मुलाकात मामले में गिरफ्तार अभियुक्त हाकम सिंह रावत से हुई. केंद्रपाल ने ऐसे लोगो के नाम बताए हैं, जिनके द्वारा पेपर उपलब्ध कराया जाता था. एसटीएफ उनके संबंध में भी जानकारी एकत्र कर रही है. केंद्रपाल ने इस अपराध से करोड़ों की संपत्ति अर्जित की. करीब 12 बीघा जमीन उसने धामपुर में ली और धामपुर में एक आलीशान मकान भी बनवाया. सांकरी में हाकम सिंह के साथ पार्टनरशिप में केंद्रपाल ने कई अन्य संपत्तियां भी जोड़ी. जिनकी जानकारी जुटाई जा रही है.

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