उत्तरप्रदेशप्रधान संपादक ऋषि त्यागी

मुरादाबाद में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान चढ़ा कमिश्नर का पारा, कहा गड़बड़ी होने पर अब डीएम-सीडीओ होंगे जिम्मेदार

Byuro report

मुरादाबाद। मुरादाबाद मंडल के आयुक्त ने बुधवार शाम को कमिश्नरी सभागार में मण्डलीय विकास कार्यों की प्रगति समीक्षा बैठक की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए शासकीय प्राथमिकता कार्यक्रमों में लापरवाही बरतने एवं खराब प्रगति से संबंधित अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख भी अपनाया। उन्होंने मण्डल के सभी जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों को स्पष्ट रूप से सचेत किया कि अब से विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में गड़बड़ी पाये जाने पर संबंधित जनपद के डीएम एवं सीडीओ सीधे जिम्मेदार होंगे।

 

मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों एवं मुख्य विकास अधिकारियों का उत्तरदायित्व निर्धारण कर विकास कार्यों की सतत मानीटरिंग एवं सुपरविजन करने के भी निर्देश दिए। कमिश्नर ने विकास कार्यक्रमों की खराब एवं असंतोषजनक प्रगति पर अमरोहा के मुख्य विकास अधिकारी चन्द्र शेखर शुक्ला को शोकॉज नोटिस जारी करने के अतिरिक्त कार्यों में शिथिलता बरतने एवं शासन को फर्जी सूचनाएं प्रेषित करने के दोषी बिजनौर एवं रामपुर के जिला पंचायत राज अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त विद्युत कार्यक्रमों की खराब प्रगति पर मुख्य अभियन्ता विद्युत को शोकॉज नोटिस जारी करने सहित बिजनौर के डीपीआरओ का स्पष्टीकरण तलब करने एवं उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने के भी आयुक्त ने निर्देश दिये।

 

कमिश्नर ने विकास कार्यों में लापरवाही एवं प्रगति इंडेक्स की खराब स्थिति पर मण्डलीय एवं जनपदीय अधिकारियों के विरुद्ध कठोर दण्डात्मक कार्यवाही करते हुए स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रभावी मानीटरिंग न करने पर अपर निदेशक स्वास्थ का स्पष्टीकरण तलब करते हुए उन्हें शोकॉज नोटिस जारी करने सहित शासन को भी उनके विरुद्ध लिखने के निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त कार्यों में शिथिलता बरतने तथा फर्जी सूचनाएं शासन को भेजने के दोषी उप निदेशक पंचायत द्वारा शासन एवं कमिश्नर को पृथक-पृथक भ्रामक एवं विरोधाभाषी रिपोर्ट भेजने हेतु उप निदेशक पंचायत का स्पष्टीकरण तलब करने तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने सहित सामुदायिक शौचालय योजना में अनियमित्ताओं के दोषियों से रिकवरी करने तथा आरोप पत्र जारी करने के आदेश दिए।

 

मण्डलायुक्त ने मण्डल के सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों की कार्य प्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए नियमित टीकाकरण का ग्राफ गिरने पर नाराजगी प्रकट की। साथ ही सुधारात्मक कार्यवाही की कठोर चेतावनी देते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि ऐसे लैब टैक्नीशियन, जिनको मशीन आपरेट करने का प्राथमिक ज्ञान न हो उन्हें मशीनों को हैण्डिल करने की जिम्मेदारी न दी जाये। सभी जिलों में चिकित्सीय स्टाफ की रिक्तियों को भरने एवं संविदा चिकित्साधिकारियों की नियुक्ति हेतु लखनऊ एवं एनसीआर सहित प्रमुख स्थानीय समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशन सुनिश्चित किया जाये। आयुक्त ने पात्रों के आयुष्मान कार्ड तेजी से बनाये जाने तथा आशाओं को क्रियाशील करने के साथ-साथ परिवार नियोजन एवं जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रमों को शासन की मंशानुरुप गतिशीलता प्रदान करने, दवाइओं एवं आवश्यक उपकरणों की चिकित्सालयों में उपलब्धता सुनिश्चित करने के सभी सीएमओ को निर्देश दिये।

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