उत्तरप्रदेशप्रधान संपादक ऋषि त्यागी

बिजनौर। बलिया में पत्रकारों के उत्पीड़न को लेकर जिला अधिकारी को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन दिया

रिपोर्ट ऋषि त्यागी

बिजनौर। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश पंजीकृत इकाई जनपद बिजनौर के तत्वाधान और प्रदेश अध्यक्ष श्री सौरभ कुमार जी के निर्देश पर बलिया में पेपर लीक प्रकरण के मद्देनजर जेल भेजे गए तीन पत्रकारों के प्रकरण में बुधवार को निर्धारित समय में एसोसिएशन के पत्रकार कलेक्ट्रेट में इकट्ठा हुए और विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना देकर जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की। एसोसिएशन के मंडल प्रभारी/जिलाध्यक्ष डॉ०भानु प्रकाश वर्मा, वरिष्ठ महामंत्री/ मंडल अध्यक्ष नरेश भास्कर, जिला उपाध्यक्ष डॉ० नरेश पाल सिंह, जिला उपाध्यक्ष पुनीत गोयल, अवनीश शर्मा, सरदार गुणवंत सिंह, मन्नान सैफी, नारायण किशोर डॉक्टर अमानत अली डॉक्टर सज्जन सरदार गिरेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुनील नारायण, गौरव पाल, रोहित कुमार, सुनील कुमार, महामंत्री जितेंद्र कुमार, जिला उपाध्यक्ष डॉक्टर आलम फरीदी, देवेंद्र चौधरी शेर सिंह चौधरी, कौशल शर्मा, मूलचंद चौधरी, विक्रांत त्यागी, मोहम्मद अकरम रवि गांधी विजेंद्र शर्मा, संजय शर्मा, धर्मवीर सिंह, ओमपाल सिंह प्रजापति,अनुज चौधरी, कामेंद्र चौधरी, सुरेंद्र शर्मा, नवाबुद्दीन, मोहम्मद इदरीश, परवेज दानिश, रोहित भोनेंद्र शर्मा, महेश शर्मा, नरेश गौतम, बबलू सिंह चौहान, मास्टर राजपाल सिंह, बृजेश चंद शर्मा, परम सिंह, अनवार अहमद आदि पत्रकारों ने घटना को लेकर तीव्र आक्रोश जताया। जिलाधिकारी बिजनौर को प्रदेश की राज्यपाल महोदया के नाम ज्ञापन सौंपा। 

ज्ञापन में निर्दोष पत्रकारों की अविलंब रिहाई, नकल माफियाओं के कु- कृतियों की न्यायिक जांच एवं पेपर लीक का खुलासा करने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही के साथ पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमें वापस लेने, बलिया जनपद के जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक तथा अन्य अधिकारियों की भूमिका की न्यायिक जांच कराने व जांच परिणाम आने तक उन्हें निलंबित करने, प्रदेश में पत्रकारों की घटनाओं को तत्काल प्रभाव से रोक लगाने, विभिन्न समाचार पत्रों, चैनलों मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों को शासन स्तर से सूचीबद्ध करें उत्तर प्रदेश की प्रेस मान्यता नियमावली में संशोधन कर उसे पत्रकारों की सुरक्षा के लिए शामिल करने पत्रकार आयोग का गठन करके उसमें मान्यता प्राप्त सभी संगठनों को प्रतिनिधित्व दिलाने प्रदेश में किसी भी पत्रकार को किसी प्रकरण में कथित रूप से संलिप्त पाए जाने पर किसी राजपत्रित अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक गिरफ्तारी न किए जाने आदि सात बिंदु शामिल हैं।

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